गीता मैराथन यह एक activity है जो गीता जयंती ३० नवम्बर २०१७ से शुरू हुई है जिसके तहर सभी भक्तो को श्रीमद भगवद गीता का वlचन और दान अवशय करना चाहिए l

आप कहेंगे दान के लिए तो सुपात्र चाहिए किन्तु जैसे अन्न दान के लिए पात्रता पर विचार करने की कोई आवशयकता नहीं है ऐसे ही गीता दान करने के लिए आपको दान लेने वाले की पात्रता पर विचार करने की आवशयकता नहीं है l

जाने कब किसी के पूर्व जन्मो से पुण्यो के संस्कार जागृत हो जाये और वह गीता के ज्ञान को समझ ले ; कौन कैसे और कब भक्त बन जायेगा हम नहीं जानते l

कृष्ण स्वयं कहते है की भगवद ज्ञान की प्राप्ति के लिए हर कोई योग्य है चाहे वह स्त्री हो या अन्य शूद्र आदि वर्ण .. तो हमें यह सोचने की आवश्यकता नहीं है की किसी को  गीता दान करे या न करे l

आप सभी जानते होंगे की वाल्मीकि जी  स्वयं पहले एक व्याध(पशुओ को मरने वाला ) थे जो बाद में महा भगवद बन  गए l तो गीता दान के लिए सुपात्र तलाशने की जरुरत नहीं है l वैसे भी कहा गया है द्रव्य दान से श्रेष्ठ है ज्ञान का दान l

तो इस एक्टिविटी का हिस्सा बनिए और भक्ति लाभ अर्जित करिये l गीता की चाहे जितनी प्रतिया  आप दान कर सकते है जबलपुर स्थित मंदिर  से आप उन्हें खरीदकर वितरित कर सकते है  या फिर आप हमारी वेब साईट पर भी ऑन लाइन खरीद सकते है l सभी भाषो में अनुवाद की गई  “भगवद गीता यथारूप ” हमारे पास उपलब्ध है l इस प्रकार आप निश्चित रूप से आप आध्यात्मिक रूप से उन्नत बनेगे l

ऑन लाइन क्रय हेतु  क्लिक करे  https://www.iskconjabalpur.com/document/bhagawat-gita-as-it-is

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